जब्त कार में घूम रहे थे तीन सिपाही; 143 किमी दूर से मालिक ने जीपीएस से लॉक की, 3 घंटे अंदर फंसे रहे


लूट इसी स्कॉर्पियो (यूपी 32 केजे 1359) का उपयोग करने का आरोप लगाया गया था
लूट इसी स्कॉर्पियो (यूपी 32 केजे 1359) का उपयोग करने का आरोप लगाया गया था
मंगलवार को लखनऊ के गोमती नगर में पुलिस ने कार जब्तकर, लिखा-पढ़ीनहीं की थी
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने थाने के इंस्पेक्टर को किया लाइन हाजिर


लखनऊ. लूटकांड के मामले में जब्त की गई स्कॉर्पियो से 3 पुलिस वालों का घूमना भारी पड़ गया। मामला राजधानी लखनऊ के गोमती नगर थाने का है। यहां लूटकांड में जब्त की गई स्कॉर्पियो से थाना प्रभारी ने 3 पुलिसकर्मियों को एक केस के सिलसिले में राजधानी से 143 किमी दूर लखीमपुर खीरी भेज दिया। जब यह बात गाड़ी मालिक को पता चली तो उसने जीपीएस एम्बेल्ड लॉकिंग सिस्टम से स्कॉर्पियो लॉक कर दी। इससे तीनों सिपाही 3 घंटे तक गाड़ी में बंद रहे। पुलिसवालों ने स्कॉर्पियो मालिक से काफी मनुहार की। उसके बाद मालिक ने गाड़ी को अनलॉक किया तो पुलिस वालों ने राहत की सांस ली। फिलहाल थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।


यह है पूरा मामला


संजय सिंह नाम के शख्स ने बीते मंगलवार को गोमती नगर थाने में एक स्कॉर्पियो के लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई। संजय का आरोप था- गोसाईंगंज के अहिमामऊ स्थित पार्थ आद्यांत अपार्टमेंट में रहने वाले अखंड प्रताप और उसके परिचित आदित्य ने गाड़ी लूटी है। लूट में अखंड के पिता राजेंद्र की स्कॉर्पियो (यूपी 32 केजे 1359) का भी उपयोगकिया गया। पुलिस अखंड की गाड़ी थाने ले आई। आदित्य ने थाने पहुंचकर बताया- संजय ने उसके नाम से स्कॉर्पियो फाइनेंस कराई थी, वह किस्तें अदा नहीं कर रहा था। मंगलवार शाम संजय गाड़ी के साथ दिखा था तो उसकी गाड़ी कब्जे में ले ली थी। अखंड का कोई लेना देना नहीं है। इसके बाद पुलिस ने अखंड को थाने से जाने दिया पर उसकी स्कॉर्पियो थाने में खड़ी करवा ली। लेकिन कोई लिखा पढ़ी नहीं की गई।


गाड़ी मालिक को फोन करने पर समझ में आया माजरा


इसके बाद थाने के इंस्पेक्टर प्रमेंद्र सिंह ने बुधवार सुबह प्रशांत हत्याकांड के सिलसिले में आरोपी अर्पण शुक्ला का बयान लेने के लिए तीन पुलिसकर्मियों को अखंड की स्कॉर्पियो से लखीमपुर खीरी भेज दिया। यह बात जब अखंड के पिता को मालूम हुई तो उन्होंने जीपीएस की मदद से गाड़ी के इंजन को लॉक कर दिया। पुलिसकर्मी उस वक्त मोहनाई कस्बे में थे, अचानक गाड़ी बंद हो गई। पुलिस वालों ने गाड़ी को स्टार्ट करने की काफी कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सिपाहियों ने अखंड को फोन किया तो उसने पिता द्वारा गाड़ी का इंजन लॉक करने की बात बताई।


गाड़ी मालिक ने दुरुपयोगकी शिकायतदर्ज कराई


पुलिस वालों ने अखंड को आश्वस्त किया कि उसकी गाड़ी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। इसके बाद गाड़ी को अनलॉक किया गया। वहीं, अखंड ने गाड़ी दुरुपयोगकरने की शिकायत दर्ज कराई। मामले की जानकारी पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय को हुई तो उन्होंने इंस्पेक्टर प्रमेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।